नई दिल्ली .... असम सरकार कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के पाकिस्तान कनेक्शन मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय भेजेगी। असम कैबिनेट ने शनिवार को यह फैसला लिया। जिसके बारे में रविवार को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी। असम सरकार कांग्रेस सांसद गौरव की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न का ओसीआई /वीजा रद्द करने की मांग भी करेगी क्योंकि उनकी मौजूदगी भारत के लिए नुकसानदायक है।
असम सीएम का आरोप है कांग्रेस सांसद गौरव और उनकी पत्नी एलिजाबेथ, पाकिस्तानी एजेंट अली तौकीर शेख के बहुत करीब हैं। एक पाकिस्तानी फर्म ने गौरव की पत्नी को नौकरी दी, फिर उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया। एलिजाबेथ भारत से जुड़ी कई जानकारियां इकट्ठा करती थीं और पाकिस्तानी नागरिक अली शेख को रिपोर्ट देती थीं। अली तौकीर शेख एलिजाबेथ को इस काम के लिए सैलरी देता था। हिमंता ने यह भी दावा किया कि अली तौकीर 2010 से 2013 के बीच 13 बार भारत आया था। उसका मकसद दुनिया में भारत विरोधी नैरेटिव तैयार करना था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंता ने बताया कि हमने मौजूदा सांसद गौरव गोगोई से पाकिस्तान कनेक्शन के बारे में पूछताछ नहीं की है। हमने उनके पद की गरिमा का स मान करते हुए यह मामला केंद्र पर छोड़ दिया है। हिमंता ने यह भी कहा कि अगर अब गौरव गोगोई को गिर तार करने जैसा कदम उठाया तो मुझ पर असम विधानसभा चुनावों से पहले राजनीति करने का आरोप लगेगा। सीएम सरमा ने कहा एलिजाबेथ ने आईबी सूत्रों से क्लाइमेट एक्शन के बारे में जानकारी इकट्ठा कीं। गौरव गोगोई ने चुनावी हलफनामे में पत्नी के पाकिस्तानी बैंक खाते के बारे में नहीं बताया। गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ को पेमेंट करने के लिए एफसीआरए नियमों को दरकिनार किया गया। भारतीय फर्म में काम करते हुए, एलिजाबेथ 6 बार इस्लामाबाद गईं। दूसरे हृत्रह्र में शामिल होने के बाद 3 बार पाकिस्तान का दौरा किया। एलिजाबेथ सिर्फ अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान जाती थी, कभी फलाइट से नहीं गईं।