नयी दिल्ली..... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौ मार्च (सोमवार) को केंद्रीय बजट 2026–27 में घोषित प्रमुख पहलों पर चर्चा के लिए 11:30 बजे एक वेबिनार को संबोधित करेंगे।
श्री मोदी अपने संबोधन में एवीजीसी–क्रिएटर इकोनॉमी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) से जुड़ी बजटीय पहलों के पीछे की परिकल्पना को रेखांकित करेंगे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी), उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से, केंद्रीय बजट 2026-27 में घोषित प्रमुख पहलों पर विचार-विमर्श करने के लिए "सबका साथ, सबका विकास-जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति: शिक्षा, कौशल और विश्वविद्यालय टाउनशिप" विषय पर बजट-पश्चात वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है।
इस वेबिनार में नीति निर्माता, उद्योगपति, शिक्षाविद, स्टार्टअप और छात्र भारत के शिक्षा, कौशल और रचनात्मक अर्थव्यवस्था तंत्र को मजबूत करने के लिए कार्यान्वयन के तरीकों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आएंगे। इसका उद्देश्य भारत के शिक्षा, कौशल विकास और रचनात्मक अर्थव्यवस्था तंत्र को मजबूत करने के लिए बजट में घोषित पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श करना है।
यह पहल रचनात्मकता, संस्कृति और प्रौद्योगिकी को जोड़कर रोजगार सृजन और भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वेबिनार के तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा "स्कूलों और कॉलेजों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स" विषय पर एक विशेष ब्रेकआउट सत्र भी आयोजित किया जाएगा। यह सत्र दोपहर 12:20 बजे से 1:50 बजे तक चलेगा। इसमें केंद्रीय बजट में घोषित 15,000 स्कूलों और 500 उच्च शिक्षण संस्थानों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने की योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। इस पहल का उद्देश्य रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और भारत के एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स उद्योग को मजबूत बनाना है।
इस सत्र का संचालन चैतन्य चिंचलिकर करेंगे, जो व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। सत्र में संजय जाजू, सचिव, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, मुख्य भाषण देंगे और इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालेंगे।
आयोजकों ने शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग संगठनों, स्टार्टअप्स, रचनाकारों, छात्रों, अभिभावकों और एवीजीसी क्षेत्र के पेशेवरों से वेबिनार में शामिल होकर चर्चा में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। यह वेबिनार देश की तेजी से उभरती रचनात्मक और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।