नई दिल्ली .... लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया। 50 से ज्यादा सांसदों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया। इसके बाद पीठासीन ने प्रस्ताव पेश करने की परमिशन दे दी। अब इस प्रस्ताव पर 10 घंटे चर्चा होगी। विपक्ष ने ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात करने का आरोप लगाया है। बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने की। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान 20 बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रोका-टोका गया। उन्हें बार बार रूलिंग बुक दिखाई गई। उन्होंने अपनी स्पीच में एक आर्टिकल का हवाला दिया। इस पर उन्हें मना किया गया, लेकिन सत्ता पक्ष के सांसदों ने भारत में बैन किताबें सदन में दिखाईं। उनसे कुछ नहीं कहा गया। इस तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं है।संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा इन लोगों ने पहले आरोप लगाया कि नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता है। मैं कहता हूं 15वीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष केवल 2 बार बोले। जब सेशन चलता है, तो विदेश चले जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष अपनी बात बोल के सदन से भाग जाते हैं। किसी और की बात नहीं सुनते हैं। फिर कहते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया जाता है। पहली बार मैंने ऐसा दृश्य देखा कि नेता प्रतिपक्ष पीएम को गले लगा रहा है। अपनी सीट पर बैठकर अपने सांसद को आंख मारता है। जैसा लीडर है तो बाकी के सांसद भी वैसे ही होंगे। मेंबर चेयर को यार कहते हैं। फिर कहतें हैं कि इसमें गलत क्या है (वेणुगोपाल ने चेयर को यार कहा था। प्रियंका को नेता विपक्ष बनाते तो कुछ अच्छा होता। देखिए प्रियंका हंस रही हैं। जो अच्छा व्यवहार करे तो उसकी सराहना करनी चाहिए। विपक्ष ने हंगामा किया। रिजिजू बोले- मैंने अच्छा बोला है। कांग्रेस क्यों नाराज हो रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि एक ही व्यक्ति है इस देश में जो इन 12 सालों में इनके सामने झुका नहीं। वह नेता प्रतिपक्ष है। और वो नेता प्रतिपक्ष इस सदन में खड़े होके इनके सामने सच बोल देते हैं। सच्चाई वो जो बोलते हैं वह इनसे पचती नहीं है।