नई दिल्ली .... कारोबार और आम जनजीवन को आसान बनाने के लिए लाए गए जन विश्वास बिल के लागू होने पर छोटे-मोटे पांच करोड़ मुकदमों के निपटान में मदद मिलेगी। संसद के दोनों सदनों से पारित इस बिल के तहत 79 विभिन्न कानूनों से जुड़े 1000 प्रविधान को बदला गया है और छोटी-मोटी गलतियों को अपराध की श्रणी से बाहर करते हुए उस अपराध के लिए सिर्फ जुर्माने का प्रविधान कर दिया गया है।
वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अति मामूली गलतियों को भी अपराध की श्रेणी में रखा गया था और इस प्रकार के अपराधों से जुड़े पांच करोड़ से अधिक मामले देश भर की अदालतों में लंबित है। उन्होंने बताया कि केंद्र राज्य सरकार से जन विश्वास बिल के प्रविधानों के तहत उन मुकदमों को समाप्त करने के लिए कहेगा। जन विश्वास बिल के तहत नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) से जुड़े कई प्रविधानों को बदला गया है। जैसे अभी सरकारी पानी के अवैध इस्तेमाल पर फाइन का प्रविधान है जिसे पेनाल्टी में बदल दिया गया है। गोयल ने बताया कि फाइन के लिए कोर्ट केस करना होता है और इसमें पुलिस की भी संलग्नता होती है जबकि पेनाल्टी के लिए पुलिस केस करने की जरूरत नहीं होती है और कोई विभाग भी पेनाल्टी कर सकता है। इसलिए जन विश्वास बिल में फाइन की जगह पेनाल्टी को लाया गया है। देश के 12 राज्य जन विश्वास बिल का अपना वर्जन लाए हैं। अन्य राज्यों भी जन विश्वास बिल का अपना वर्जन लाने के लिए कहा गया है।उद्योग विभाग के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने बताया कि एनडीएमसी कानून के प्रविधानों में होने वाले बदलाव की तरह ही सभी राज्यों से अपने स्थानीय निकाय के प्रविधानों में बदलाव के लिए कहा जाएगा ताकि उनके राज्य में भी प्रविधानों को सरल बनाया जा सके। सरकार पहले भी जन विश्वास बिल लेकर आई थी जिसके तहत 183 प्रविधानों को बदला गया था। कई प्रविधानों में पहली बार गलती होने पर सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ने का प्रविधान किया गया है। देश के 12 राज्य जन विश्वास बिल का अपना वर्जन लाए हैं। अन्य राज्यों भी जन विश्वास बिल का अपना वर्जन लाने के लिए कहा गया है। उद्योग विभाग के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने बताया कि एनडीएमसी कानून के प्रविधानों में होने वाले बदलाव की तरह ही सभी राज्यों से अपने स्थानीय निकाय के प्रविधानों में बदलाव के लिए कहा जाएगा ताकि उनके राज्य में भी प्रविधानों को सरल बनाया जा सके।