नयी दिल्ली... दिल्ली पुलिस ने पीतमपुरा इलाके में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 19 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 12 महिलाएं शामिल हैं। यह गिरोह खुद को बजाज फिनसर्व और अन्य वित्तीय संस्थानों का प्रतिनिधि बताकर देशभर में लोगों से ठगी कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। सूचना के बाद एक संयुक्त टीम ने मौके पर छापा मारा, जहां आरोपी मोबाइल फोन के जरिए लोगों को ठगी के लिए कॉल करते पाए गए।
बाहरी जिला के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि गिरोह लोगों को लोन और बीमा का लाभ दिलाने का झांसा देता था। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 1,500 से 2,000 रुपये तक की रकम व्हाट्सएप पर भेजे गए क्यूआर कोड के जरिए वसूली जाती थी। पैसे मिलने के बाद न तो कोई सेवा दी जाती थी और न ही रकम वापस की जाती थी।
पूछताछ में एक महिला आरोपी, जो इस गिरोह की सरगना बताई जा रही है, ने खुलासा किया कि वे लोग तय स्क्रिप्ट के अनुसार बात करते थे और पकड़े जाने से बचने के लिए बार-बार सिम कार्ड बदलते थे। छापेमारी के दौरान उसी परिसर में एक अलग कमरे से संचालित एक और समूह का भी खुलासा हुआ, जिससे इस नेटवर्क के बड़े और संगठित होने के संकेत मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे ऑपरेशन को मैनेजर नियंत्रित करते थे, जो कॉल करने वालों को संभावित पीड़ितों का डाटाबेस उपलब्ध कराते थे। मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश जारी है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत साइबर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 36 मोबाइल फोन (कीपैड और स्मार्टफोन) और ठगी का रिकॉर्ड रखने वाले रजिस्टर भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीतमपुरा, रोहिणी, जनकपुरी और इंदरपुरी समेत दिल्ली के विभिन्न इलाकों के निवासियों के रूप में हुई है। मामले की जांच की जा रही है।