नई दिल्ली .... होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो भारतीय व्यापारी जहाजों पर शनिवार दोपहर गोलीबारी हुई। इसमें एक तेल जहाज भी था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की दो गनबोट्स टैंकर्स के पास आईं और बिना रेडियो चेतावनी फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों भारतीय जहाज होर्मुज पार किए बिना लौट गए। जहाज और उसके क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। एक भारतीय जहाज लगभग 20 लाख बैरल इराकी तेल लेकर जा रहा था। घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को भारत में तैनात ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथअली को तलब किया।
भारत ने फायरिंग पर विरोध दर्ज किया है। ईरान ने शनिवार को होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया था। ईरान का आरोप था कि अमेरिका सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है इसलिए 24 घंटे के भीतर उसने फैसला बदल लिया। ईरान ने भारत आ रहे 14 जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने से रोक दिया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने रोक दिया। साथ ही, दो जहाजों पर फायरिंग की गई जिसके बाद 13 जहाज फारस की खाड़ी में अलग-अलग जगहों पर वापस लौट गए। इस दौरान एक जहाज को गोली भी लगी, जबकि एक जहाज स्ट्रेट पार करने में सफल रहा। भारत के विदेश मंत्रालय ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग को लेकर अपना बयान जारी किया। बयान में यह लिखा हुआ है, नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को विदेश मंत्रालय ने विदेश सचिव के साथ एक बैठक के लिए बुलाया। इस बैठक के दौरान, विदेश सचिव ने होर्मुज स्ट्रेट में शनिवार को हुई गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की, जिसमें भारत के झंडे वाले दो जहाज शामिल थे। याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया। व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर अपनी चिंता दोहराते हुए, विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वे भारत के विचारों को ईरान के अधिकारियों तक पहुंचाए, और होर्मुज स्ट्रेट से भारत आने वाले जहाजों को रास्ता देने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द फिर से शुरू करें। ईरान के राजदूत ने इन विचारों को ईरानी अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।