नई दिल्ली .... दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से चार संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि इनके पास से आईईडी और उससे जुड़ा सामान बरामद हुआ है। आरोपियों में दो महाराष्ट्र और एक-एक ओडिशा और बिहार के हैं। इनकी पहचान मोसाइब अहमद, मोहम्मद हम्माद, मोहम्मद सोहेल और शेख इमरान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दो आरोपी एक रिमोट कंट्रोल खिलौना कार में आईईडी फिट करने की तैयारी में थे।
जांच में यह भी सामने आया कि शेख इमरान दिसंबर 2025 में दिल्ली गया था। उसने रेड फोर्ट और इंडिया गेट जैसे जगहों की रेकी की थी। एजेंसियों के अनुसार, इन लोगों ने राम मंदिर, संसद भवन और सैन्य ठिकानों जैसे बड़े टारगेट पर हमले की भी चर्चा की थी। पुलिस के अनुसार ये सभी आरोपी एक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित थे और गजवा-ए-हिंद जैसे नैरेटिव को बढ़ावा दे रहे थे। आरोपी एन्कि्रप्टेड सोशल मीडिया ग्रुप्स पर एक्टिव थे। इन ग्रुप्स में जिहाद, हथियार और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ा कंटेंट शेयर किया जाता था। इन्हीं प्लेटफॉर्म्स के जरिए नए लोगों को जोड़ने और प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने रेड फोर्ट की एडिटेड तस्वीर शेयर की थी, जिसमें काला झंडा लगाया गया था। इसके जरिए आरोपी लोगों को भड़काना चाहते थे। पुलिस का कहना है कि चारों आरोपी साधारण बैकग्राउंड से आते हैं। मोसाइब अहमद पहले खाड़ी देशों में ऑटो इलेक्ट्रीशियन के तौर पर काम कर चुका है और उसी तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल आईईडी बनाने में कर रहा था। मोहम्मद हम्माद मुंबई का रहने वाला है और 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। उसने जनवरी 2026 में एक बंद ग्रुप जॉइन किया था, जहां आईईडी बनाने के लिए जरूरी सामान जैसे बॉल बेयरिंग, कील और खिलौना कार की तस्वीरें साझा की थीं। वहीं, शेख इमरान ओडिशा के भुवनेश्वर का रहने वाला है। उसे 11 अप्रैल को उसके किराए के कमरे से गिरफ्तार किया गया था। उसने 2024 में कुछ धार्मिक प्रवचन सुनने शुरू किए थे, जिसके बाद उसके विचार कट्टर होते गए। मोहम्मद सोहेल बिहार के कटिहार का रहने वाला है और पेशे से प्लंबर है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। इनकी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क, उनके साथियों और संभावित लिंक का पता लगाया जा सके।