नई दिल्ली .... टीएमसी में टूट के बीच ममता बनर्जी ने मंगलवार को सांसद कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी का चीफ व्हिप नियुक्त किया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखकर कहा कि इसे तत्काल प्रभाव से लागू जाए।
टीएमसी के लोकसभा में 28 सांसदों में से 20 ने एक दिन पहले बगावत के बाद ममता का साथ छोड़ दिया था। उन्होंने हृष्ठ्र सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। इन लोगों ने सांसद काकोली घोष दस्तीदार को अपना चीफ व्हिप चुना था। खुद काकोली घोष ने बागी सांसदों के साइन वाला लेटर लोकसभा स्पीकर को भेजा था। इसमें भ्रूष्ट से अलग हुए सांसदों के लिए अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में सिटिंग मांगी थी।
चीफ व्हिप किसी राजनीतिक दल का सीनियर नेता होता है, जो संसद या विधानसभा में पार्टी के सांसदों/विधायकों के बीच अनुशासन बनाए रखने और पार्टी की रणनीति लागू कराने की जिम्मेदारी संभालता है। अगर कोई आदेश नहीं मानता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाती है। लोकसभा में टीएमसी अभी 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक भी अलग गुट बना चुके हैं। इस गुट के नेता ऋतब्रत हैं। काकोली ने सोमवार को कहा था कि वे अभी भी लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) हैं। काकोली ने 27 मई को टीएमसी छोड़ दी है, लेकिन सांसद पद से इस्तीफा नहीं दिया था। काकोली घोष ने कहा- मैं 1986 से ममता बनर्जी के साथ हूं। 2005 में मुझे पार्षद तक का चुनाव लड़वाया गया। मैं तो लड़ते-लड़ते यहां आई हूं। मेरा सिर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं। मैंने बहुत सह लिया।