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रेहड़ी पटरी वालों के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का बेहतर रूप में मार्च 2025 तक विस्तार
रेहड़ी पटरी वालों के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का बेहतर रूप में मार्च 2025 तक विस्तार
एजेंसी    27 Aug 2025       Email   

नयी दिल्ली,.... रेहड़ी-पटरी वालों को बैंकों से कर्ज दिलाने की पीएम स्वनिधि नाम से चर्चित ‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना’ का पुनर्गठन के साथ 31 मार्च, 2030 तक विस्तार कर दिया गया है और इसमें कर्ज की पहली और दूसरी किस्तों में पांच-पांच हजार रुपये की वृद्धि की जा रही है।
पुनर्गठित योजना में पहली और दूसरी किस्त में बढ़ी हुई ऋण राशि, दूसरा ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड का प्रावधान और खुदरा एवं थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं। इस योजना का दायरा सांविधिक कस्बों से आगे बढ़कर जनगणना कस्बों, अर्ध-शहरी क्षेत्रों आदि तक चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिमडल की बैठक में पीएम स्वनिधि योजना के पुनर्गठन और ऋण अवधि को 31 मार्च 20230 तक बढ़ाने को मंजूरी दी। यह जानकारी मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी एक विज्ञप्ति में दी गयी। योजना में कर्ज देने की अवधि 31 दिसंबर 2024 को पूरी हो गयी थी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस योजना का कुल परिव्यय 7,332 करोड़ रुपये है। पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 50 लाख नये लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभान्वित करना है।
योजना का कार्यान्वयन आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से लागू की जाएगी। वित्तीय सेवा विभाग बैंकों और वित्तीय संस्थानों के जमीनी स्तर के अधिकारियों के माध्यम से रेहड़ी पटरी वालों के लिए छोटे ऋण तथा क्रेडिट कार्ड की सुविधा आसान करेगा।
विज्ञप्ति के अनसुार पुनर्गठित योजना में पहली किस्त के ऋण को 10,000 से बढ़ाकर 15,000 रुपये तक और दूसरी किस्त के ऋण को 20,000 रुपये से बढ़ा कर 25,000 तक कर दिया गया है। तीसरी किस्त 50,000 पर अपरिवर्तित रहेगी।
सरकार का कहना है कि यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की शुरुआत से रेहड़ी-पटरी वालों को किसी भी आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तुरंत ऋण उपलब्ध होगा। इसके अलावा, डिजिटल को बढ़ावा देने के लिए, रेहड़ी-पटरी वाले खुदरा और थोक लेनदेन पर 1,600 रुपये तक के कैशबैक प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं।
सरकार ने कहा है कि खाद्य शुद्धता विनियामक एफएसएसएआई के साथ साझेदारी में, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए मानक स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किये जायेंगे। रेहड़ी-पटरी वालों और उनके परिवारों के समग्र कल्याण और विकास को सुनिश्चित करने के लिए, मासिक लोक कल्याण मेलों के माध्यम से 'स्वनिधि से समृद्धि' घटक को और मजबूत किया जाएगा।
सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान अभूतपूर्व कठिनाइयों का सामना करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों की सहायता के लिए एक जून 2020 को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत इस वर्ष 30 जुलाई तक 68 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को 13,797 करोड़ रुपये के 96 लाख से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं।
इस योजना के लगभग 47 लाख डिजिटल रूप से सक्रिय लाभार्थियों ने 6.09 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 557 करोड़ से अधिक डिजिटल लेन-देन किये हैं, जिससे उन्हें कुल 241 करोड़ रुपये के कैशबैक प्राप्त हुए हैं। 'स्वनिधि से समृद्धि' पहल के तहत, 3,564 शहरी स्थानीय निकायों के 46 लाख लाभार्थियों का प्रोफ़ाइल तैयार किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप 1.38 करोड़ से अधिक योजना स्वीकृतियां दी गयी हैं।
इस योजना को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, आजीविका को बढ़ावा देने, वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में इसके उत्कृष्ट योगदान के लिए इसे लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार (2023) (केंद्रीय स्तर) और डिजिटल परिवर्तन के लिए सरकारी प्रक्रिया पुनर्रचना में उत्कृष्टता के लिए रजत पुरस्कार (2022) से सम्मानित किया गया है।
इस योजना के विस्तार में व्यवसाय विस्तार और सतत विकास के अवसरों को समर्थन देने के लिए वित्त का एक विश्वसनीय स्रोत प्रदान करके रेहड़ी-पटरी वालों के समग्र विकास की परिकल्पना की गई है। इससे न केवल रेहड़ी-पटरी वालों को सशक्त बनाया जाएगा, बल्कि समावेशी आर्थिक विकास, रेहड़ी-पटरी वालों और उनके परिवारों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे उनकी आजीविका में वृद्धि होगी और अंततः शहरी क्षेत्रों को एक जीवंत, आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र में बदला जा सकेगा।






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