- मुख्यमंत्री समेत शीर्ष विभागीय प्रबंधन को भेजा पत्र, कार्रवाई की उठाई मांग
- चार कम्प्यूटर ऑपरेटरों को बिना नोटिस के काम से बाहर निकाले जाने का मामला
गाजीपुर। जनपद के विद्युत विभाग में 24 संविदाकर्मियों के बाद अब 4 कंप्यूटर ऑपरेटरों को 50 हजार घूस न मिलने के कारण अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय आशीष कुमार शर्मा द्वारा काम से बाहर निकल जाने का मामला सामने आया है। विद्युत मजदूर पंचायत के मंडल अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव ने इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र एवं उसकी प्रतिलिपि समस्त शीर्ष विभागीय प्रबंधन को प्रेषित करते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करते हुए निकाले गए चार कंप्यूटर ऑपरेटरो को फिर से काम पर वापस रखे जाने एवं दोषी अभियंता के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मंडल अध्यक्ष का बयान
अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में कुल 39 कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात थे। जिसमें 31 कंप्यूटर ऑपरेटर वर्ष 2017 से ही कार्यरत रहे हैं एवं आठ कंप्यूटर ऑपरेटर का अलग से निविदा करके पिछले वर्ष 2023 में उनको रखा गया था। पुनः प्रबंधन द्वारा पिछले दिनों 39 की जगह 35 कंप्यूटर ऑपरेटर को रखने के लिए जिले के अधिकारियों को निर्देशित किया गया था। संगठन ने पिछले दिनों जनपद आगमन पर मुख्य अभियंता वितरण वाराणसी क्षेत्र द्वितीय के समक्ष इस मुद्दे को उठाते हुए मांग किया कि किसी कंप्यूटर ऑपरेटर को निकाला न जाए। फिर भी यदि अति आवश्यक है तो पुराने 31 कंप्यूटर ऑपरेटर जो वर्ष 2017 से तैनात हैं उनको किसी हालत में निकाला न जाए ।
आश्वासन के बाद भी हुई कार्रवाई
निविदा जो पिछले साल हुई थी उसके अंतर्गत आठ कंप्यूटर ऑपरेटर रखे गए थे। उनमें से प्रत्येक डिवीजन से एक-एक कंप्यूटर ऑपरेटर निकालकर अनावश्यक विवाद से बचा जा सकता है। मुख्य अभियंता ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय में सभी अधिकारियों के समक्ष संगठन को आश्वस्त किया कि 31 पुराने कंप्यूटर ऑपरेटर में से किसी को नहीं निकाला जाएगा। नई निविदा जो पिछले साल वर्ष 2023 में आठ कंप्यूटर ऑपरेटर का हुआ था उसमें से किन्हीं चार कंप्यूटर ऑपरेटर को निकाल कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद भी पुराने चार ऑपरेटरों को निकाल दिया गया था। जिससे विभाग में अनावश्यक विवाद उत्पंन हो गया है।
मंडल अध्यक्ष ने घूस मांगने का लगाया आरोप
विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता आशीष शर्मा ने पुराने कंप्यूटर ऑपरेटर 31 में चार कंप्यूटर ऑपरेटर को 50 हजार रुपये घूस न मिलने के कारण अपने खंड से निकाल बाहर किया है। अधिशासी अभियंता आशीष शर्मा ने 4 कंप्यूटर ऑपरेटर से 50 हजार रुपये घूस की मांग किया जिस पर चार कंप्यूटर ऑपरेटर ने अपनी नौकरी बचाने के लिए 15 हजार अग्रिम दिया। जिस पर उनके द्वारा जुलाई अगस्त सितंबर 2024 का चार कंप्यूटर ऑपरेटर सहित खंड में कार्यरत सभी 10 कंप्यूटर ऑपरेटर का उपस्थिति विवरण 4 अक्टूबर 2024 को अधीक्षण अभियंता गाजीपुर को प्रेषित किया। उनके द्वारा चार कंप्यूटर ऑपरेटर से कहा गया कि यदि दो दिन के अंदर की शेष पैसा नहीं दिया गया तो आप लोग को काम से हटा दिया जाएगा 4 कंप्यूटर ऑपरेटर शेष 35 हजार रुपए की व्यवस्था कर रहे थे व्यवस्था नहीं हो पाई, शेष पैसा प्राप्त न होने से गुस्से में आकर 7 अक्टूबर 2024 को अधिशासी अभियंता आशीष शर्मा ने माह जुलाई अगस्त सितंबर 2024 का उपस्थिति विवरण इन चारों कंप्यूटर ऑपरेटर का नाम काटकर इन लोगों को काम से हटाकर अधीक्षण अभियंता को फिर से उपस्थिति विवरण प्रेषित कर दिया।
नियम विरुद्ध कार्रवाई का आरोप
मंडल अध्यक्ष ने बताया कि किसी कर्मचारी का उपस्थिति विवरण एक बार प्रेषित किया जाता है ना कि दो बार। इसी कारण पूरा मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट का भी निर्देश है कि उपस्थिति विवरण एक बार भेजा जाता है और किसी कर्मचारी को निकालने से पहले उसको नोटिस दी जाती है उसका पक्ष जाना जाता है उसके बाद ही काम से निकाला जा सकता है। किंतु विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता आशीष शर्मा निरंकुश एवं तानाशाह हो गए हैं। उनको नियम कानून और न ही कोर्ट की परवाह है। जो उनको घूस नहीं देगा उसको वह काम से बाहर निकाल देंगे।
प्रबंध निदेशक कार्यालय से मांगी गई रिपोर्ट
इस संबंध में प्रबंध निदेशक कार्यालय के अधीक्षण अभियंता प्रशासन अरविंद नायकजी ने पूरा मामला संदिग्ध मानते हुए अधीक्षण अभियंता से जांच कर रिपोर्ट मांगी है, लेकिन आशीष शर्मा के प्रभाव में अधीक्षण अभियंता कोई जांच नहीं कर रहे हैं। आशीष शर्मा पूरे प्रकरण को दबाने में लगे हुए हैं। मंडल अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि जनपद गाजीपुर में पहले 24 निविदा कर्मियों को काम से बाहर किया गया फिर से चार कंप्यूटर ऑपरेटर को बाहर का रास्ता दिखाना स्पष्ट करता है कि यहां के विभागीय अधिकारी नित्य प्रतिदिन निविदा कर्मियों को निकाल कर उत्तर प्रदेश सरकार की रोजगार परक नीति का मखौल उड़ा रहे हैं और सरकार को मजदूर विरोधी साबित करने पर लगे हुए हैं।
मंडल मंत्री ने की मांग
मंडल मंत्री प्रवीण सिंह ने 24 निविदा कर्मियों एवं चार कंप्यूटर ऑपरेटर को फिर से कम पर रखे जाने की मांग किया है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर विद्युत मजदूर पंचायत एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी यहां के विभागीय अधिकारियों की होगी। मंडल अध्यक्ष एवं मंडल मंत्री ने यह भी कहा कि यहां के अधिकारी संविदा कर्मियों और कंप्यूटर ऑपरेटर को नित्य प्रतिदिन निकाल रहे हैं तो विद्युत मजदूर पंचायत आगामी किसी आंदोलन में विभागीय अधिकारियों का साथ नहीं देगा।