नई दिल्ली .... देश में घुसपैठ के कारण हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर गठित उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष और पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर ने इसे एक गंभीर और बड़ी चुनौती बताया है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर समिति केंद्र सरकार को और सख्त कानून लागू करने की सिफारिश कर सकती है। जस्टिस नावलेकर ने कहा कि अवैध घुसपैठ केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि इसका असर अब शहरी इलाकों, औद्योगिक क्षेत्रों और सामाजिक-आर्थिक रूप से संवेदनशील हिस्सों तक फैल रहा है। एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों के लिए कई योजनाएं चलाती है, लेकिन घुसपैठ के कारण लाभार्थियों की संख्या बढ़ने से वास्तविक जरूरतमंदों का हिस्सा प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल आर्थिक दबाव बढ़ाती है, बल्कि सामाजिक संतुलन को भी प्रभावित करती है। जस्टिस नावलेकर ने स्पष्ट कहा कि अगर समिति को लगता है कि मौजूदा कानून पर्याप्त नहीं हैं, तो वह सरकार को और कड़े कानूनों की सिफारिश कर सकती है।