उत्तर प्रदेश को चार वर्ष बाद मिला स्थायी पुलिस प्रमुख, राजीव कृष्णा की स्थायी डीजीपी पद पर तैनाती का आदेश जारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजीव कृष्णा के नाम के प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी
राजीव कृष्णा के पास बरकरार रहेगा निदेशक सतर्कता अधिष्ठान का पद
लखनऊ ... उत्तर प्रदेश पुलिस को चार वर्ष बाद पुलिस महानिदेशक मिला है। अभी तक कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक की भूमिका में काम कर रहे 1991 बैच के आईपीएस अफसर राजीव कृष्णा अब स्थायी पुलिस महानिदेशक हो गए हैं। राजीव कृष्णा पिछले एक वर्ष से कार्यकारी पुलिस महानिदेशक बने हुए थे। राजीव कृष्णा जून 2025 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। राजीव कृष्णा की नियुक्ति का आदेश अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद ने जारी किया। राजीव कृष्णा के पास निदेशक सतर्कता अधिष्ठान का भी चार्ज रहेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थायी पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग के नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी की थी। इस पद के लिए शासन स्तर पर तीन सीनियर आईपीएस अधिकारियों रेणुका मिश्रा (1990 बैच), पियूष आनंद (1990 बैच) और राजीव कृष्णा (1991 बैच) के नामों का एक पैनल तैयार कर भेजा गया था। इन तीनों योग्य और वरिष्ठ दावेदारों के पैनल में से अंततः वर्तमान में कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी संभाल रहे राजीव कृष्णा के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वसनीय अफसर के नाम पर मुहर लगा दी है। संघ लोक सेवा आयोग से भेजे गए पैनल पर शासन स्तर पर गहन मंथन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजीव कृष्णा के नाम के प्रस्ताव को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। मुकुल गोयल के मई 2022 से पद से हटने के बाद अब यूपी पुलिस को पूर्णकालिक डीजीपी मिला है। मुकुल गोयल के हटने के बाद से अब तक डीएस चौहान, आरके विश्वकर्मा, विजय कुमार, प्रशांत कुमार कार्यवाहक डीजीपी रहे। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग करने वाले राजीव कृष्णा वर्ष 2024 में महानिदेशक पद पर प्रोन्नत हुए थे। उनके स्थायी डीजीपी नियुक्त होने से उत्तर प्रदेश को चार वर्ष बाद स्थायी पुलिस प्रमुख मिला है। पुलिस सेवा में विभिन्न पदों पर कार्य किया है और 2024 में पुलिस महानिदेशक के सर्वोच्च रैंक पर पदोन्नत हुए हैं। गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के मूल निवासी राजीव कृष्णा का जन्म 26 जून 1969 को हुआ था। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। इसके बाद भारतीय पुलिस सेवा के लिए चुने गए। 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी की भर्ती 15 सितंबर 1991 को हुई थी और 21 अक्टूबर 1993 को कन्फर्म हुए तो दस अक्टूबर 1995 को उन्हें सीनियर स्केल मिला।