नई दिल्ली .... कर्नाटक पुलिस विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन को लेकर एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला लिया गया है। अब राज्य का कोई भी आम पुलिसकर्मी अपनी मर्जी से न तो मीडिया से बात कर पाएगा और न ही सोशल मीडिया पर पुलिस से जुड़ी कोई जानकारी शेयर कर सकेगा। इस संबंध में कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. एमए सलीम ने एक कड़ा आदेश जारी किया है।
कर्नाटक डीजीपी की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब पुलिस की तरफ से आधिकारिक बयान या जानकारी देने का हक सिर्फ कुछ चुनिंदा और तय अधिकारियों के पास ही होगा। ये अधिकारी राज्य, रेंज, शहर, जिला और स्पेशल यूनिट के स्तर पर पहले से तय होंगे। इनके अलावा, बाकी सभी पुलिसकर्मियों पर पाबंदियां रहेंगी कि बिना लिखित इजाजत के कोई बयान या इंटरव्यू नहीं दे सकेंगे। मीडिया की किसी डिबेट या चर्चा में हिस्सा नहीं ले पाएंगे और मीडिया को ऑफ-द-रिकॉर्ड या अंदाजे के आधार पर कोई जानकारी नहीं दे सकेंगे। इसके अलावा पुलिसकर्मियों के सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी कर्नाटक डीजीपी ने आदेश जारी किए हैं। इसके तहत पुलिसकर्मी अपने पर्सनल या ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर बिना मंजूरी के ये चीजें पोस्ट या फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे। कर्नाटक डीजीपी डॉ. एम.ए. सलीम के मुताबिक, कई बार अधूरी या संवेदनशील जानकारी बाहर आने से चल रही जांच प्रभावित होती है। इससे अदालती कार्यवाही पर असर पड़ सकता है, लोगों की प्राइवेसी का उल्लंघन होता है और समाज में गलत अफवाहें फैलने का डर रहता है। इन्हीं सब बातों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।