नयी दिल्ली.... संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्र सरकार की ओर से रविवार को बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक से कुछ विपक्षी दलों के नेताओं ने 'बागी सांसदों को अलग मान्यता देने' और 'अलग से सीट आवंटन' के मुद्दे पर सांकेतिक बहिर्गमन किया।
सूत्रों के अनुसार बाद में सभी सांसद वापस बैठक में चले गये।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि बागी सांसदों को दी गयी मान्यता देने का कानून की पुस्तकों में कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इसका विरोध किया और इसी कारण कई दलों के सांसदों ने बैठक से वॉकआउट किया।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एन.डी. गुप्ता ने कहा कि उनकी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से सात को 'हाइजैक' कर लिया गया है। इस संबंध में उनकी याचिका पर अभी विचार नहीं किया गया है। उन्होंने इसे अवैध बताया और कहा कि इन सांसदों को अलग और स्वतंत्र सीटें आवंटित करना गलत है।
उन्होंने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' बताया और कहा कि सरकार तथा सदन का प्रबंधन का रवैया लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने कहा किविपक्षी दलों ने इसी मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सर्वदलीय बैठक से सांकेतिक बहिर्गमन किया।