नई दिल्ली .... पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर लोकसभा में चर्चा शुरू हो गई है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज का संशोधन एक तरह से देश के छात्रों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए इस सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है।
उन्होंने कहा यह बिल, जिसे कल पेश किया गया था असल में पहले के बिल पब्लिक एग्जामिनेशन्स प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट 2024 में एक संशोधन है, जिसे भी इसी सरकार ने पेश किया था और न सिर्फ पेश किया था बल्कि यह शायद आजाद भारत के इतिहास में अपनी तरह का पहला बिल था। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा पहले का बिल और आज का संशोधन एक तरह से देश के छात्रों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए इस सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट करते हैं और साथ ही यह प्रधानमंत्री मोदी के उस संकल्प को भी दोहराता है कि ‘भारत माता’ के बच्चों के भविष्य के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा इसलिए, इस बिल को एक तरह से भारतीय संसद के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला कानून कहा जा सकता है। ‘ बता दें कि मंगलवार, 28 जुलाई को विपक्ष के हंगामे के कारण स्थगित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे फिर से शुरू हुई। विपक्ष दिल्ली और पूरे भारत में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के मामले में सरकार से जवाब की मांग पर अड़ा हुआ था। चर्चा के दौरान जितेंद्र सिंह ने कई ऐसी परीक्षाओं का जिक्र किया जो समय-समय पर पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों की वजह से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की तारीफ की जानी चाहिए क्योंकि वे एक ऐसा कानून लेकर आए हैं जिसे उन्होंने एक ‘मील का पत्थर’ बताया। कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए सिंह ने कहा, ‘मोदी जी की तारीफ होनी चाहिए। सरकार ने वह अधूरा काम पूरा किया है जिसे आपको पूरा करना चाहिए था।