नयी दिल्ली... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल और शिवसेना (यूबीटी) से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में हाल में शामिल हुए सांसदों के साथ शुक्रवार को नाश्ते पर बैठक की और उनसे संसद के मॉनसून सत्र की कार्यवाही में पुरी सक्रियता से भाग लेने का आग्रह किया।
जानकारी के अनुसार श्री मोदी ने राजग के इन नये सदस्यों से आश्वासन दिया कि उन्हें गठबंध में समान महत्व मिलेगा। सरकार महत्वपूर्ण विधायी कामकाज में उनके पूर्ण सहयोग के साथ दोनों सदनों में सत्तापक्ष के तालमेल को मजबूत करना चाहती है।
प्रधानमंत्री के साथ आज की इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल ) से अलग होकर 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' (एनसीपीआई) में विलय करने वाले 19 सांसद तथा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेृत्व वाली शिवसेना ( यूबीटी) को छोड़ कर शिवसेना के खेमे में आ चुके छह सांसद भी थे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक का मकसद गठबंधन के भीतर तालमेल बेहतर करना और मॉनसून सत्र की बाकी बैठकों के लिए सदस्यों को तैयार करना था।
बैठक के दौरान श्री मोदी ने सांसदों को संसदीय बहसों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने और विकास से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सांसदों को आश्वासन दिया कि उन्हें मौजूदा राजग सदस्यों के बराबर ही माना जाएगा और संसद में गठबंधन के एजेंडे को आगे बढ़ाने में उनकी भी बराबर की भूमिका होगी। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने शिवसेना (यूटीबी) से मराठी में बात की और गठबंधन के साथ नयी राजनीतिक यात्रा शुरू करने पर उन्हें राजग नेतृत्व के पूरे सहयोग का भरोसा दिलाया।
बाद में एनसीपीआई सांसद यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान और खलीदुर रहमान अलग से भी प्रधानमंत्री से मिले और अपने क्षेत्र के विभिन्न मुद्दे को लेकर श्री मोदी अलग से बाद ती। पश्चिम बंगाल के इन तीनों सांसदों ने गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) न्यायाधीकरण और मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की खबरों जैसे मुद्दों पर अपनी चिंताएं जाहिर की थीं।
इन सांसदों के शामिल होने से लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राजग की सदस्य संख्या 293 से बढ़कर 319 हो गयी है। बढ़ी हुई संख्या ने गठबंधन को संविधान संशोधन बिल पास करने में मदद मिल सकती है।