लखनऊ ...... मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को गांव से ग्लोबल और जनसेवा से राष्ट्र सेवा की यात्रा को विस्तार से बताया।
हजरतगंज के पटेल पार्क में सेवा ज्योति यात्रा-विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात के एक छोटे से गांव से निकले एक सामान्य कार्यकर्ता ने वैश्विक स्तर पर भारत को नई पहचान दी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक 25 वर्षों की यह यात्रा देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में परिवर्तन की यात्रा है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए इस यात्रा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली थी। उस समय गुजरात भीषण आपदा से जूझ रहा था और समाज व राष्ट्र विरोधी तत्व अव्यवस्था पैदा करना चाहते थे। इन परिस्थितियों में उन्होंने गुजरात की कमान संभाली और उसे मॉडल स्टेट के रूप में देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री के रूप में पिछले 12 वर्षों में भारत को समर्थ और सशक्त राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि यह अद्भुत संयोग है कि नरेन्द्र मोदी ने जब गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तब लखनऊ के सांसद अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे। आज नरेन्द्र मोदी वाराणसी के सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह 25 वर्षों की यात्रा हर बहन को सुरक्षा की गारंटी देने, अन्नदाता किसान के जीवन में खुशहाली लाने और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं मजबूत करने की यात्रा है। 12 वर्ष पहले भारत की गिनती फ्रैजाइल-5 में होती थी, जबकि आज देश टॉप-5 अर्थव्यवस्थाओं में स्थान बना चुका है। कभी देश में कुछ हजार स्टार्टअप थे, आज इनकी संख्या ढाई लाख से अधिक है। मिशन रोजगार के तहत युवाओं के लिए नौकरी, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान : सीएम ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक सेवा के अहर्निश 25 वर्ष पूरे होने पर हर भारतवासी के लिए आज गौरव का दिन है। गुजरात के छोटे से गांव से निकलकर वह भारत को नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। एक सामान्य कार्यकर्ता/ स्वयंसेवक ने वैश्विक स्तर पर देश को नई पहचान दिलाई।