नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित लोगों और अन्य दिव्यांगजनों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। इस कार्यक्रम का आयोजन सेवा संकल्प अभियान के तहत किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, पूरे देश में इस तरह के ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाए जा रहे हैं। मुझे खुशी है कि इसके तहत छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के कारण दिव्यांग हुए आदिवासियों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा रहे हैं।’ इस दौरान उन्होंने कहा, ‘5 से 7 अक्तूबर के बीच जगदलपुर में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इससे 3600 से अधिक दिव्यांगजनों को लाभ मिला। अकेले बस्तर में ही 1570 से अधिक लोग लाभान्वित हुए। यह संख्या बस्तर के दर्द को दर्शाती है। पांच दशकों से चले आ रहे नक्सलवाद ने बस्तर के गरीब आदिवासियों को बुरी तरह प्रभावित किया है। यह आंकड़ा पूरी दुनिया के सामने इस सच्चाई को उजागर करता है।’ केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा, ‘आज, इस कार्यक्रम के माध्यम से, मैं पूरे देश को बताना चाहता हूं कि लगभग 8,526 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। जिन लोगों के पास बैंक खाते नहीं थे, उनके लिए 7,500 बैंक खाते खोले गए हैं। 1,625 लोगों को इनाम दिए गए हैं, और 7,882 लोगों को प्रोत्साहन राशि दी गई है। 455 लोगों को नौकरियां दी गई हैं, और 129 लोगों को जमीन आवंटित की गई है। कुल 4,014 प्रधानमंत्री आवास योजना घर उपलब्ध कराए गए हैं। 2,300 से अधिक आदिवासी लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया है। 6,700 नए राशन कार्ड जारी किए गए हैं।