नई दिल्ली ... राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले दिनों हुए भारी हंगामे और विरोध प्रदर्शनों के मामले में दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है। पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार द्वारा दाखिल इस हलफनामे में कोर्ट के निर्देशों का पालन करने और संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था व सुरक्षा मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की पूरी जानकारी दी गई है।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में कई महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान स्थित हैं, जिसके चलते वीवीआईपी मूवमेंट, राजनियक दौरों और अन्य बड़े कार्यक्रमों को देखते हुए उच्च स्तर की सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। पुलिस ने अपने हलफनामे में बताया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (ष्टछ्वक्क) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जंतर-मंतर पर अनुमति न मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के जुटने की आशंका को देखते हुए एहतियात बरतना पड़ा था। इस दौरान ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल समेत कई राजनीतिक नेताओं, वकीलों और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, इस पूरे अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजधानी भर में 7000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को 10 अक्टूबर की रात 10 बजे से सामान्य मेट्रो सेवाएं बहाल करने के लिए कह दिया था। इससे पहले, कानून-व्यवस्था बिगड़ने और संवेदनशील इलाकों की ओर भीड़ बढ़ने की आशंका के चलते पुलिस ने 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 10 अक्टूबर की शाम 6 बजे तक 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखने और ट्रेनों की आवाजाही कम करने का अनुरोध किया था, जिसे अब लागू कर दिया गया है। उधर, इससे पहले आज हीं केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने भी सुप्रीम कोर्ट में अवमानना नोटिस का जवाब देते हुए अपना हलफनामा दाखिल किया था। उन्होंने 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक रायसीना हिल्स के 4-किमी के दायरे में सेल्युलर इंटरनेट सेवाएं निलंबित किए जाने का बचाव किया।