नई दिल्ली ... पिछले साल पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर भारत ने पाकिस्तान पर वाटर स्ट्राइक की थी। इसके बाद से देश के अंदर जल-सुरक्षा की चिंताएं और बढ़ गई हैं। ऐसे में देश की आर्थिक राजधानी कराची गर्मियों के चरम मौसम में पानी की भारी कमी से जूझ रही है। जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के प्रमुख हाफिज नईम-उर-रहमान ने अपनी विरोधी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने पीपीपी पर बिगड़ते जल संकट के कुप्रबंधन का गंभीर आरोप लगाया। जमात ने यह भी आरोप लगाया कि पीपीपी के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कराची में पानी की पुरानी कमी की समस्या को हल करने में पूरी तरह विफल रही है।
यह संकट ऐसे समय में सामने आया जब पूरा देश ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार मना रहा था। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा उठाए गए दंडात्मक कदमों के चलते पाकिस्तान पहले से ही बढ़ते दबाव का सामना कर रहा है। एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ईद के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए हाफिज नईम ने कहा कि कराची के निवासी बढ़ती नागरिक चुनौतियों के बावजूद अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जमात-ए-इस्लामी ने पूरे शहर में 150 से अधिक स्थानों पर सामूहिक कुर्बानी की व्यवस्था की है। उन्होंने इसे एक पुरानी पहल बताया, जो स्थानीय समुदायों के साथ पार्टी के जुड़ाव को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होती है।