नई दिल्ली ... भारतीय वायुसेना आज पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर एक बड़ा युद्धाभ्यास कर रही है। यह अभ्यास अखलीकिरी करवत गांव के पास स्थित 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्टि्रप पर हो रहा है। इसका उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में हाईवे को रनवे के रूप में उपयोग करने की क्षमता को परखना है।
इस एयर शो में कई प्रमुख विमान हिस्सा ले रहे हैं। इनमें सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर, मिराज-2000 और तेजस जैसे फाइटर जेट शामिल हैं। साथ ही, सी-295 और एएन-32 जैसे परिवहन विमान भी भाग ले रहे हैं। यह युद्धाभ्यास दो चरणों में रात 9 बजे तक चलेगा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने एक्सप्रेस-वे का 12 किलोमीटर का हिस्सा सील कर दिया है। ट्रैफिक को 1 मई तक के लिए डायवर्ट किया गया है। यह अभ्यास वायुसेना की तैयारी को दर्शाता है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के अरवलकीरी करवत में बनी हवाई पट्टी पर बुधवार की दोपहर 2ः30 बजे से वायुसेना अभ्यास कर रही है। वायुसेना के लड़ाकू विमान सुखोई, जगुआर, मिराज, सी-295, एएन-32 समेत 10 विमानों ने हवाई पट्टी पर लैंडिंग की है। डीएम इंद्रजीत सिंह ने बताया कि सैनिक अभ्यास कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बलों की तैनाती की गई है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से आने-जाने वाले वाहनों को पहले ही डायवर्ट किया जा गया है। स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यह युद्धाभ्यास देश की रक्षा तैयारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह वायुसेना को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार करता है। हाईवे को रनवे के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता रणनीतिक रूप से अहम है। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में भी त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। युद्ध की स्थिति में यदि पारंपरिक एयरबेस क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो ऐसे वैकल्पिक रनवे वायुसेना की क्षमता बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा यह अभ्यास त्वरित तैनाती, आपूर्ति और बचाव कार्य सुनिश्चित करने की क्षमता भी मजबूत करते हैं। प्रशासन के साथ मिलकर आपातकालीन प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय समन्वय की दक्षता भी परखी जाती है।